My New Poem...!!!
मेरी जिंदगी
अधुरी कोई
किरदार सी लगती है
ये दबाबों में
लिखी कोई
अखबार सी लगती है
तेरे दिलों की
मायूसी जहाँ से
होकर गुजरती है
मेरे दिल कि
ख़्वाहिशें वहीं से
होकर गुजरती है
आपकी और
हमारी रात में
फर्क है शायराना
एक चैन
ढुंढती है तो एक
बेचैन सी गुजरती है।
जीदगीं जीने को तो
हर कोई जी ही लेते है
जो राह तेरे दर-से गुजरती है
उस राह-के काँटों से भी
अपनी दोस्ती क़ायम है यारों
इश्क की मँजिल वही मिलती हैं