My New Poem ...!!!
अभिमान' तब आता है
जब हमें लगता है कि
हमने कुछ किया है..
और.....
सम्मान' तब मिलता है
जब दुनिया को लगता है
कि आपने कुछ किया है..!
में, हम, तुम, तुं, और आप
जैसे सवँनाम की बंदीशोंमें
उलझा बंदा जब रबके फझलसे
में से तुं की दुरी तय करता है तब
बेशक वह मुक्तिकी राह पाता है
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