*गुणों के सहारे ही व्यक्ति*
*सफल हो पाता है*
*मगर विनय और विवेक*
*साथ हो तो शिखर छू जाता है*
*किसी भी रिश्ते को कितनी भी*
*खूबसूरती से क्यों ना बांधा जाए*
*अगर नज़रों में इज़्ज़त*
*और बोलने में लिहाज़ न हो*
*तो वह टूट जाता है*
*जब हम अकेले हों तब*
*अपने विचारों को संभाले*
*और जब हम सबके बीच हों*
*तब अपने शब्दों को संभाले*
*क्या खूब कहा है*
*आसमां में मत दूंढ अपने सपनो को*
*सपनो के लिए तो ज़मी जरूरी है*
*सब कुछ मिल जाए तो*
*जीने का क्या मज़ा*
*जीने के लिये एक कमी भी जरूरी है*
Good Morning
Jay shree krishna🙏🏻💐