क्या फोर्टी प्लस हो जाने से
अपने सपने नहीं आते,
क्या हमारी खव्याईशे नहीं होती
माना हम थोड़े मोटे हो गए हैं
पर आज भी पैर नाच ने लगते है
जब भी कहीं डी जे बजता है
हमे भी आइने के सामने जाके
सजना संवरना है.,
हमे भी जीन्स और टीशर्ट पहन कर
बाहर घूमना पसंद है
क्यू हम फोर्टी प्लस ये मान लेते है
अब हम ये नहीं कर सकते .
चलो ओर जिओ अपनी जिंदगी
अपने लिए दुनिया जो बोलेगी बोल ने दो
जो आज आप पर मजाक कर रहे है
कल वहीं आपकी तरह बनना चाहेंगे.
खुद को प्यार करो उम्र भर
बढ़ती उम्र का ना हो कोई असर
अपने सोख से ना मुंह फेरो
ये सोख ही है जो जीने कि वजह
होते है, बाकी सब तो अपने
फर्ज होते है.