तीन साल बीत गये मैने छोड दी जमाने की फिकर
तीन साल पहले फिरता था गलियो मे शराब पिकर
तीन साल पहले मै हुआ था घर से बेघर
तीन साल पहले इसी सडक पे लगी थी मेको ठोकर
तीन साल पहले मै सोता था रो धो कर
तीन साल पहले सुबह जल्दी उठा था सो कर
उसी दिन से आज तक मेहनत जारी है जमकर
सोच समझ कर मुकाबला करता मै डटकर
छोडूगां न कोइ कसर
मेरसे अब होता नही सबर
मै बेखबर
अगर जिंदगी मे कुछ करना है तो चलो सारे साथ मिलकर
मेरा नाम जेके मै लोगो से मिलता दिल खोलकर