"मेरी कब्र के हालात"
मेरी कब्र पर,
बेशुमार फूल रखकर नहीं
दो - आंसू, टपका के जाया करो
तुम्हें पता नहीं, जमीन के नीचे,
नमी की जरा,
कमी - सी है।
मैं और मेरी शिकायतें,
आज भी पहले सी,
तरो - ताजा हैं
वो बात अलग है,
के मैंने शिकायतें,
कभी तुमसे की ही नहीं हैं।