Hindi Quote in Poem by Dr. Damyanti H. Bhatt

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

"बेटी"
बेटी माता पिता के कुल की रखें लाज,
बेटी बेटों से बढकर हैं आज ।
ये कैसे रीत रिवाज की है दुहाई ?
कि बेटी बना दी जाती हैं पराई ।
बेटी बेटों से बढकर हैं आज......।।
बचपन बीता ली जवानी ने अंगडाई,
के बजने लगी विदाई की शहनाई,
ये कौनसी रश्मे हैं ?कौन सी कश्मे हैं ?
जो बेटी को अपने ही धर मे कर देती हैं पराई ।
बेटी बेटों से बढकर हैं आज ।।
माता पिता के हृदय की वीणा के तार हैं बेटी,
पियर के साम्राज्य की सरोकार हैं बेटी,
ये कैसी परंपरा की हैं दुहाई ?
जो बेटी को पलभर मे कर देती हैं पराई ।
बेटी बेटों से बढकर हैं ।।
दो से कुलों को निभाती हैं, सजाती, संवारती हैं,
अपना सुख-दुःख सबकुछ सह जाती हैं,
अपना उपकार न किसी पर कभी जताती हैं,
ये कैसी स्नेह सरिता हैं ?
जो बिना शोर किए बही जाती हैं।
ये कैसी रीति-नीति की दुहाई हैं ?
जो बेटी को बना देती हैं पराई ,
ये जमाना ! तुझे खुदा की खुदाई की कसम ,
अब न कोई बेटी हो पराई ,
क्योंकि आज बेटी हैं बेटों से बढकर ।
बेटी हैं बेटों से बेहतर । ।।जय हो बेटी ।।"गीता"

Hindi Poem by Dr. Damyanti H. Bhatt : 111285880
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now