काश वो बचपन फिर से मिल जाय
जो हम मुक्त होकर खेला करते थे वो
गांव, गलिया और महोल्ले की शेरी मिल जाय
काश गुजरा हुआ कल फिर से मिल जाय वो
बचपन के साथी और यादे हमें मिल जाय वो
बचपन का मुक्त जीवन हमे मिल जाय काश
लाड लगाने वाली दादी, नानी हमे मिल जाय
काश हमारे माथे पर हाथ फिरा ने वाले मिल जाय
Anil Mistri