तुम वो दरवाज़ा हो जिसके पीछे की दुनिया हमेशा मुझे हसीं लगी है ,
तुम्हारे पीछे से जो रास्ता गुज़रता है वहा लम्बी सड़क है किसी दूर मंज़िल पर जाती हुयी , और हर एक नज़ारा बहुत उम्दह तासीर का है. तुम्हारे साथ कहीं दूर तक चलना है , कितनी सोच है कितनी हसरतें है , सब त्तुम्हारे साथ चलते चलते नए मंज़र तक पहोचना है ...
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