सूनते आये थे आज तक ये :
"अच्छे लोगो के साथ अच्छा होता है।"
आज तक सोचते थे सच है या जुठ
लेकिन आज जैसे इस सच को मानने को जी कर रहा है।
सोचती हूं ये असर उनका है या उनके कहने के अंदाज़ में ।
आज जैसे एक नई उम्मीद की किरण नज़र आई है।
सोचते थे आज तक जो बस ख्वाबो में।
उसके सच होने की आस आज दिल मे जगी है।
शायद आज वो होने वाला है जो बरसो से हुआ नही।
पतझड़ में आज बारीश होने वाली है ।
Dr.Divya.....