कुरेद कर, जख्म ए दिल, क्या पाओगे?
दर्द ए ग़म एहसास , दिल को रुलाओगे,
टुटकर बीखर गया है,आशियाना दिल,
किस तरह दरार ए आईना भर, पाओगे।।
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दौर ए हकीकी हुश्न। , लाजवाब रहेगा,
चमन में गुल ए दिल, सदाबहार रहेगा,
उम्मीदों का दिया, बुझा दिया है, जिंदगी,
रोशन हाल ए दिल,अब इतमीनान रहेगा;
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