Hindi Quote in Story by महेश रौतेला

Story quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

एक संवाद:
सुबह उठा जैसे ही चाय की एक घूंट पी थी,चूहे का एक बच्चा दिख गया । मंदिर के कमरे से भंडारघर तक घूम रहा था। मैंने शीध्र चूहेदानी लगायी। रोटी पर थोड़ा घी भी लगया। लेकिन रात तक वह, लोभ में फंसा नहीं। दूसरी सुबह देखा कि वह चूहेदानी के बगल में बैठा है। फिर मैंने रोटी बदली और इस बार बिना घी के लगायी। एक घंटे में वह चूहेदानी में फँस गया था। मैंने चूहेदानी को सावधानी से पकड़ा और दूर बगीचे में ले जा, उसे छोड़ दिया। स्वतंत्र होते ही उसने लम्बी दौड़ लगा दी।यह चूहे का वह बच्चा है जो स्वभाव से घी की घूस नहीं खाता है।
बीच में किसी से बात भी हुयी तो उन्हें बताया कि गणेश जी घर में पधार गये हैं।
दूसरे दिन दूसरे शहर चला गया ,शाम को लौटा।वहाँ तीन साल चार महीने की बच्ची ने पूछा," आपके घर में चूहा आया था?" मैंने कहा अब नहीं है,मैं उसे दूर बगीचे में छोड़ आया हूँ। वह बोली," नहीं है, रात को मेरे काश में बोल रहा था।" सुबह उठा तो दो चूहे के बच्चे किचन के पास दिखे, फिर भंडारघर में चले गये। मैंने चूहेदानी में घी लगा रोटी का टुकड़ा लगया और भंडारघर में रख दिया। पाँच मिनट में चूहेदानी बंद होने की आवाज आयी। देखा, एक फँस गया है। चूहेदानी उठायी और ऊपर बालकोनी से उसे गिरा दिया, नीचे देखा वह दौड़ कर बगीचे में जा रहा था। फिर चूहेदानी लगा दी,दस मिनट में उसके बंद होने की आवाज आयी। उसे भी बालकोनी से बाहर छोड़ दिया।लगा,ये दोनों स्वभाव से घी की घूस खाते हैं।
दस बजे घर के काम करने सुनिधि आती है। वह बोली, "एअरलाइंस में काम करने वाली लड़कियां एक काली बिल्ली लायी हैं। मैंने उनसे कह दिया है बिल्ली रखोगे तो मैं तुम्हारे यहाँ काम नहीं करूंगी।" मैंने कहा," यहाँ ले आओ उसे एक दिन के लिए, चूहे मार जायेगी।" वह बोली "वह चूहे नहीं मारेगी। एकदम काली है। डर लगता है उससे।" उसके बाद वह अन्दर चले गयी थोड़ी देर में मेरी एक किताब लेकर बाहर आयी बोली ," माफ करना, मैंने यह किताब उठा ली है।ये आपने लिखी है?" मैंने "हाँ" बोला।वह आश्चर्यचकित लग रही थी।उसने फिर बताया उसके दादा जी विधायक थे।
मैंने उसे किताब से अपनी एक कविता सुनायी।
बेटी से संवाद-
"तुम्हारा हँसना, तुम्हारा खिलखिलाना,
तुम्हारा चलना,
तुम्हारा मुड़ना , तुम्हारा नाचना ,
बहुत दूर तक गुदगुदायेगा।
मीठी-मीठी बातें ,
समुद्र की तरह उछलना,
आकाश को पकड़ना ,
हवा की तरह चंचल होना,
बहुत दूर तक याद आयेगा।
ऊजाले की तरह मूर्त्त होना,
वसंत की तरह मुस्काना,
क्षितिज की तरह बन जाना,
अंगुली पकड़ के चलना,
बहुत दूर तक झिलमिलायेगा।
तुम्हारे बुदबुदाते शब्द ,
प्यार की तरह मुड़ना ,
ईश्वर की तरह हो जाना ,
आँसू में ढलना,
बहुत दूर तक साथ रहेगा।
समय की तरह चंचल होना,
जीवन की आस्था बनना ,
मन की जननी होना,
बहुत दूर तक बुदबुदायेगा। "
 * महेश रौतेला

Hindi Story by महेश रौतेला : 111269198

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now