शीर्षक - तेरा मेरा रिश्ता
तेरे मेरे रिश्ते में,
एक बात खास है
तू खुद से मुझको जितना
दूर करती है
रखती कहीं ज्यादा,
मुझे दिल के पास है
देख, छू नहीं सकता तुझे.....(२)
इसलिए, मन यह उदास है
कहने की बात नहीं......(२)
कि, समंदर को भी लगी,
जोरों की प्यास है
जानता हूं
यह मनमानी है तेरी
दिल में तो तेरे,
मेरा ही एहसास है
मैं भी बैठा हूं
एक उम्मीद लिए
तेरे ही इंतजार में,
टूटती ही नहीं कमबख्त,
मेरी जो आस है
महक यह तेरे होने की,
बरकरार है,
अब भी फिज़ाओं में
कैसे समझाऊं तुझे
कि, वजह यही है
जो चल रही
मेरी ये सांस है
तेरे मेरे रिश्ते में
एक बात खास है
तू खुद से मुझको जितना
दूर करती है
रखती कहीं ज्यादा,
मुझे दिल के पास है।
- अभिषेक शर्मा(Instant ABS)