सुदंर कविता ..
विषय .प्रेम का नशा ..
नशा तेरे मोहब्बत का चढा हैं ।
चारो ओर तेरा एहसास हुआ हैं ।।
हर धडी तेरा ख्याल आ रहा हैं ।
दिल बडा बावरा हुआ जा रहा हैं ।।
तुझे पाना ही मंजिल मेरी हैं ।
तुझे भूलाना मौत ही मेरी हैं ।।
प्रेम का एक दीवाना मै तेरा हूँ ।
एक आरजु दिल से करता हूँ ।।
प्यार को भुला मत देना ।
प्यासे को प्रेम का जल पिलाते रहना ।।
बृजमोहन रणा ,कश्यप ,अमदाबाद ।