#भुल चुके है।
भुल चुके है भुल चुके है।
वह दंडे से डांन्डी तक का सफर सब भुल चुके है।
गांधीयुग के बाद, उन तीन बंदरो को सब भुल चुके है।
वह धोती,ऐनक, साफ माथा सब भुल चुके है।
सत्यजीत और अहिंसाम: भैया को सब भुल चुके है।चंपारण, स्वच्छ गाव सब भुल चुके है।
नकदी नोटो पर तेरी फोटो, बाकी सब भुल चुके है।
-रेरा