न हिन्दू खतरे में है न मुसलमान खतरे में है,
मेरे देश हिंदुस्तान का नौजवान खतरे में है।
न धरम खतरे में है न मजहब खतरे में है,
राज नेता के हाथों देश की पहचान खतरे में है।
न कारोबारी खतरे में है न नेता खतरे में है,
मेरे देश का तो हर गरीब इंसान खतरे में है।
न मेहनत खतरे में है न मजदूर खतरे में है,
मेरे देश की धरोहर देश का ईमान खतरे में है।
न कानून खतरे में है न संविधान खतरे में है,
"पागल" यहाँ देश का स्वाभिमान खतरे में है।
✍?"पागल"✍?