जहन में जहालत सी छाई है,
न जाने जिंदगी कौन से मोड़ पर लाइ है...
जिन आँखों में बस उनकी ही तस्वीर दिखती थी,
उसमे दूर दूर तक बस गहराई सी छाई है...
लोग बात करते रहते है मुकद्दर की,
ये मुकद्दर का दूसरा नाम ही बेवफाई है..
मिज़ाजे महोब्बत के रंग में बहोत भीग लिए,
अब सिर्फ बची सफेदपोश तन्हाई है...
~ अद्वैत