Hindi Quote in Poem by Ashish Garg Raisahab

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#यमराज #ब्लॉग
कल रात सपने में यमराज आ गए ,
बोले ,'चलो वत्स तुम्हे लेने आये हैं '
सुनकर मेरी तो सिटी पिट्टी गम हो गयी
मैं बोला,'महाराज रहम करो मुझ पर
अभी तो दुनिया मे कुछ देखा ही नही
टेंशन में ही निकल गए अब तक के साल
जीवन का आनंद तो अभी लिया ही नही '
यम बोले,' वत्स ! बहुत वक़्त दिया था
हमने तुम्हारे लिए क्या नही किया था
मौके दिए बहुत हंसने मुस्कुराने के
बहुत पल दिए आनंद के साथ बिताने के
लेकिन ठुकरा दिए तुमने वो छोटे पल
ढूंढ रहे थे तुम कहीं खुशियां झूठी
चाहते थे तुम कहीं गाड़िया बड़ी बड़ी
महलों की चाहत में कुटिया छोड़ दी
खुशी मिलेगी तुम्हे कहाँ से अब इस जहां में
बैंको से लेकर लोन तुमने महल बनाये
फिर फाइनेंस से ही तुम गाड़ियां लाये
घर सजाने के लिए फानूस ,गलीचे लाये
अब emi की टेंशन तुम्हे सताने लगी है
ब्लड प्रेशर ऊपर नीचे अब जाने लगा है
हार्ट तुम्हारा सही से पम्पिंग करता नहीं है
ac के बिना नींद तुम्हे आती नही आजकल
दिन में सौ बार भगवान उठाले कहते हो
अब जब लेने आया हूँ तो मना करते हो '
में बोला ,' प्रभु बात आपकी सही है
पर एक मौका मुझे ओर भी तो दो
हमारे देश में मरने वाले कि आखरी
इच्छा पूरी करने का रिवाज़ भी तो है
अब से छोटी खुशी में खुशी तलाश लूंगा
कभी आपसे कोई शिकायत ना करूँगा
छोड़ दूंगा महल ,छोड़ दूंगा गाड़ियां
बस झोपड़ी में ही गुजर कर लूंगा
सुबह उठ कर खुद को स्वस्थ कर लूंगा'
यम बोले ,'वत्स देता हूँ तुमको जीवनदान
समझ लो यही है मेरा तुमको वरदान
अब से शिकायत का तुम मौका न दोगे
अन्यथा तुम अपनी जान से हाथ धो बैठोगे
मैं नही चाहता वक़्त से पहले ही कोई
गवा दे कम उम्र अपनी जान कोई यूँ ही
इस लिए जिओ खुल के ,आनद लो
छोटी छोटी खुशिओं को अपना लो '
इतने में ही खुल गयी थी नींद मेरी
ये कोई सपना नही हक़ीक़त यही है
आजकल इंसान इतना सोचता कहाँ है
लेकिन आज से मैं खुद को बदल दूंगा
अपने जीवन का पूरा आनंद लूंगा ....
#स्वरचित
#आशु

Hindi Poem by Ashish Garg Raisahab : 111250602

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