हर किसी को नहीं सिर्फ़
मन चाहे को ही पूरी औरत मिलती है
कुवांरापन औरत की मर्जी होती है
कुवांरापन जिस्मानी हालत नही ये मन की हालत भी होती है
औरत अपना आप और अपना कुवांरापन
किसी भी सिर्फ़ सोने वाले मर्द को कभी नही देती
अपनी मर्जी से
जिस मर्द के साथ जागकर जीना है
उसको ही वो अपना आप अपना कुवांरापन देती है
सिर्फ़ मन चाहे मर्द को ही
पूरी औरत मिलती है
और किसी को कभी नही
इमरोज