छु लो होंठोसे जो जाम, मजा आ जाये।
तेरा नशा मिल जाये, तो परवान चढ जाये ।
आज तो झुम लुँगा मस्त बहारों में
पीके गीत गुनगुनावूगाँ तेरे हुस्न के।
तु जो साथ दे मेरा होश खो जाये।
तेरे साथ यारा, मौसम बदल जाये।
तेरी हर अदा पे हम मर जाये।
जाम का अंजाम मदहोश कहलाये।
सुना मैंने हुस्न जुनून भारी होता है।
क्युँ इसमें जिंदगी डुबोता है।
मैं फिर भी आज नशामंद होना चाहता हुँ।
जिंदगी का ये पल जीना चाहता हुँ।
आजा तु दौडकर मुझे नशामंद होने दे।
तेरे नजरों जाल में नजरबंद होने दे।
आज खुद का न रहुँगा तो कोई गम नहीं।
हो जा बिनधास्त, बेफिर्क तु कर ले मजा।
तेरे हुस्नके जलवे बिखरें है चारो ओर।
आयी है बदिरा , बरसे घटा घनघोर।
तेरे इंतजार में प्यासा बैठा हुँ कबसे।
जाम भर रखे है काफी देर से।