काष्ठकार
जीवन - धारा बड़ी कठीन,
चलती नहीं मेहनत के बीन,
चलता है समय का पहिया,
काष्ठकार ये रुक ना पाया,
ऎसा ही इसका जीवन,
कैसे चले मेहनत के बीन,
जन्म-मरन या बनाए रोटी,
लकड़ी हर जगह पर होती,
बड़ा महान है, इसका काम,
काष्ठकार है, इसकी पहचान,
मिलकर रहते ये बात करे,
काष्ठकार जो भी साथ रहे,
Uma vaishnav
Surat (gujarat)
मौलिक और स्वरचित