# काव्योत्सव के लिए
प्रेरणा दायक कविता
?कविता?
*मैं* *अल्हड़ सी नारी हूं*
प्रकृति की अनुपम रचना न्यारी हूं ।
सुंदरता का मान मिला जिनसे
उस परमपिता की आभारी हूं....
कोमल हूं तन से पर....
कमजोर नहीं इरादों से
अपनी दम पर इतिहास लिखूंगी।
*मैं अल्हड़ सी नारी हूं...
* ...
ज्ञान के दीप जलाकर जग में
उजियारा फैलाने वाली हूं
छदम आडंबर से दूर....
मैं अपनी ही प्यारी हूं
*मैं अल्हड़ सी नारी हूं*......
आज का दुख ना कल की चिंता
ना मैं डरने वाली हूं.....
दिल में अपने दर्द छुपा कर
आंखों से हंसने वाली हूं.......
*मैं अल्हड़ सी नारी हूं*
भवसागर के तूफानों में भी
जीवन नैया खेने वाली हूं..
क्षणभंगुर इस जीवन को
मैं इतिहास बनाने वाली हूं....
*मैं अअल्हड सी नारी हूं*
हौसलों की भर कर परवाज....
खुले गगन उड़ने वाली हूं।
एक एक सपने को जी भर जीने वाली हूं...
याद रखेगी सदियां मुझको
काम कुछ ऐसे करने वाली हूं।
*मैं अल्हड़ नारी हूं।...*
अर्चना राय भेडाघाट जबलपुर ???..