kavyotsav-2
आज पहल
की मैंने
इस ज़माने से
भिड़ने की।
इस ज़माने सा
बनने की।
अजनबी सा बना
कर रखा था।
आज अचानक से
अपना लिया।
इस ज़माने से
अलग थी।
अपने सोच
में ही थी।
पहल करने
से जाना।
ज़माने सा
न बनो ।
अकेला
छोड़ती है।
आत्मविश्वास तो
कभी ज़मीर
तोड़ती है।
आज पहल
की मैंने
इस ज़माने
सा बनने की।