#Kavyotsav 2
Humour
हास्य
दुःखी पति की पुकार
आज फिर बेसकूंनी और गम-ऐ-दिल है
बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल हैं
तुमसे शादी में कुछ ऐसे निभा रहा हूँ
बारिशों के मौसम में भी गीजर चला रहा हूँ
तुम्हारे मा-बाप ने तुम्हें ऐसे पाला हैं
पिज़्ज़ा हट का डिलीवरी बॉय बन गया मेरा साला है
जब तुम मुझे व्हट्सूप पर
पति-पत्नी पर बने लतीफे सुनाती हूँ
ऐसा लगे मेरा ही मज़ाक उड़ाती हूँ
तुम मंदाकनी और उर्वशी का अवतार हूँ
तुम्हारे साथ चलकर यह एहसास होता हैं
हूर तुम जैसी होती हैं और लंगूर मुझ जैसा होता हैं
मायके चले जाना का दस्तूर पुराना है
तुम रूठी रहो मुझे तू सिर्फ मनाना हैं
अभी कपड़े धोये हैं फिर उन्हें सुखाना हैं
घर का सारा काम करके ऑफिस भी जाना हैं
उस घडी को कोस रहे हैं जब घोड़ी चढ़े थे
अच्छे खासे कुँवारे थे
मत मारी गयी थी जो पति बने थे.....