**माँ की आती याद बहुत*
मन है आज उदास बहुत।
माँ की आती याद बहुत।।
एक बात को बार बार मैं ,
माँ से पूछा करता था।
नहीं ज़रा भी झल्लाती थी।
उन्हें तंग जब करता था।
माँ के हाथों के भोजन में,
आता मुझको स्वाद बहुत।
माँ की आती याद बहुत।।
माँ की उंगली थाम रात को ,
जब जाता था मेले में।
नहीं जरा भी डर लगता था ,
भीड़ भाड़ के रेले में।
खेल खिलौनों में करवाता ,
पैसे यूँ बरबाद बहुत।
माँ की आती याद बहुत।।
बहुत भाग्यशाली बच्चे वो ,
माँ का प्यार जिन्हें मिलता।
उल्लासित होकर हर बचपन ,
इन्द्रधनुष सा है खिलता।
बालक बिन माँ का ना हो प्रभु ,
करता यह फ़रियाद बहुत।
माँ की आती याद बहुत।।
- डॉ०देशबंधु ‘शाहजहाँपुरी’
आनंदपुरम कॉलोनी( बीबीजई चौराहा )
निकट जय जय राम आटा चक्की ,
शाहजहाँपुर (उ०प्र०) 242001
मोबाइल 9415035767 , 9936604767
ई मेल- drdeshbandhu1@gmail.com