#KAVYOTSAV -2
कहानी आज नई सुनाती हूं।
एक था लड़का और एक थी लड़की
दोनों में प्यार की तिष्नगी भडकी।
सात फेरे लेकर बन गए वो हमसफ़र,
उस के बाद शुरू हुई जीवन की नई डगर
दोनों मिलकर बहाते थे बेशूमार प्यार की बारिश
इसी प्यार के मौसम में आई इक नई ख्वाहिश
पत्नी को ज्यादा टीवी सीरियल से लगाव था
पति को भी करना हीरो वाला प्यार था।
पति बेचारा ईश्क ए समंदर बहाके के ले आता,
कमियां उसमे खोजना पत्नी को यही भाता था।
बिचारा आंखों से बाते करनेको तलसता,
शिकवा शिकायतें से जगड़ना पत्नी को यही आता था।
पति का हाल जानू जानू करके बेहाल था।
बहुत हुआ टीवी वाला प्यार का दिखावापन,
अब तुम्हीं रहो तुम्हारे टीवी वाले आंगन।
रूठ गया पति चल पड़ा करके दिल के टुकड़े हजार।
जिंदगी की राहो में कमबख्त अकेली जब हुई पत्नी,
तभी समझ आयी , निकल पड़ी वो समेटने अपना खोया हुआ प्यार,
पति को उसने आंगन में ही पाया।
तेरे संग जिंदगी बितानी पत्नी ने फरमान सुनाया
ना अब दिखावें वाली टीवी की दुनियां में जीऊंगी।
अब पति के संग जिंदगी खुलकर प्यार से बिताऊंगी।
पति पत्नी दोनों प्यार से जिंदगानी जीने लगे।
प्यार भरे अंदाज़ से पूरी हुई ये कहानी ।
- તન્વી કે ટંડેલ