#KAVYOTSAY -2
love poem
तुम मेरी खामोशी हो। ❤
तुम मेरी खामोश किताब का वो पन्ना है की जिसमे ....
खामोश है तेरी यादगार यादो के पन्ने
खामोश है मेरी धडकन की आवाज़
तुम मेरी वो खामोश जिंदगी की वो आदत है की जिसमे ....
खामोशी के साथ उदासी हर रोज अपने रंग दिखाती हैं
खामोश है आज वो धडी जो कभी टीक- टीक करके तेरी राह दिखाती थी।
तुम मेरी चाहत की वो खामोशी हो की जिसमे...
तुम मुझे भरी महफिल में खामोश कर जाते हो ।
तुम मेरी ऐसी अधूरी कहानी का एहसास हो जो अभी खामोशी के साथ किस्सा बन गया है,।
तुम मेरे वो बारिश भीगे हुए आँसू हो जिसमे ,,
दिल रो रो कर अपना हाले दिल सुनाता रहा
रेहमत की बारिश में मुझे हाले दिल सुनाता रहा।
आज रुठ गया दिल और खामोश है ज़बान
या तो मिल जाओ या बिछड जाओ,
यूँ साँसों मे रह कर बेबस ना करो !!
तुम मेरी खामोशी हो।
तुम मेरी खामोशी हो।
Richa Modi