मैं रहूँ या ना रहूँ।
मैं तुझे मिलूँ या ना मिलूँ,
फासले कम हो या ना हो,
हमारे बीच बातें हो या ना हो,
ये सब बातें कोई मायने नही रखती। बस इतना याद रखना कि मेरे दिल में तेरे लिए कुछ अच्छी फीलींग्स हैं और जिन्हें जी कर मुझे शुकुन सा मिलता है। सचमुच मेरी जिंदगी व्यस्त सी हो गई है। तुझे सोचना और फिर से तुझे सोचना। तुमसे रूठना फिर खुद ही मान जाना।
कभी यूँ ही हंस देना। कभी उदास हो जाना। wow ये चाहतों की दुनिया तो सचमुच लाजवाब है।
kavya Chaudhary......