मोरल कहानियां
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मोबाइल
आर0 के0 लाल
अजी सुनते हो, अपनी डाली रो रही है, जरा देख लेना। मैं किचन में नाश्ता तैयार कर रही हूं रश्मि ने अपने पति मुकेश को आवाज लगाई जो कंप्यूटर पर जरूरी काम कर रहा था इसलिए एक साल की डाली को नहीं ले सकता था। उसने अपने मोबाइल पर एक वीडियो चलाकर डाली के बगल में रख दिया। तुरंत ही डली चुप हो गई। उसे तरीका बहुत पसंद आया। फिर तो रोजाना जब भी डाली रोती रश्मि या मुकेश मोबाइल पकड़ा देते । दोनों मोबाइल बनाने वाले की प्रशंसा करते नही थकते थे। मोबाइल होने पर व बिना ना नुकुर किए दूध तक पी लेती थी।
एक दिन रश्मि को पड़ोस में जाना था और डाली को बुखार था ।मुकेश ने पूछा कि कैसे करोगी? रश्मि ने कहा था कि अपना मोबाइल है न। उसे पकड़ा कर मैं चली जाऊंगी। तुम चिंता मत करो। धीरे धीरे डॉली अपना वीडियो खुद चला लेती और लोगों को कॉल भी कर लेती थी। अब वह 3 साल की हो गई थी।
आज रश्मि कि दोस्त आई तो उसने डॉली को कई दफे आवाज लगाई मगर वह नहीं आई। रश्मि ने कहा शायद ओह मोबाइल में व्यस्त होगी। वह तभी सुनती है जब उसके मोबाइल की घंटी बजाकर कुछ कहा जाए। समझ नहीं आता कैसे इसे पढ़ाऊं लिखाऊं।” रश्मि ने अपनी व्यथा बताई। उस्ने मोबाइल को ही फेंक देने का निश्चय किया ।
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