उम्र के इस पड़ाव पर प्यार का इजहार ना कर ।
अरमान जो पूरे ना हो सके उनकी नुमाइश ना कर।।
बड़ा ही किमती समय है अब इसे यूं ही बरबाद ना कर।
जो फिसल गया हाथों से उसे फिर से पाने की कोशिश ना कर।।
प्रकृति का अपना नियम है उसे बदलने की चाहत ना कर ।
भरी भीड़ में हो तू चाहे अकेला पर इस बात का रंज ना कर ।।
जो कहते है की तुम बदल गये हो उन पर कभी विश्वास ना कर।
उम्र के इस पड़ाव पर........