तुम से जुदा होके भी मैं
तुम्हे कभी भी नहीं भुला !!!
गुज़र गये साल मगर
वो आख़िरी मुलाक़ात नहीं भुला !!!
युं तो कह देता हुँ यारों से
कि मुझे तकलीफ़ नहीं !!!
मगर हक़ीक़त ये है अब तक
तुम्हारा साथ कभी नहीं भुला !!!
हर रोज़ एक बार ही नही
कई बार तुम्हें याद मैं कर लेता हूँ !!!
तुम्हारी बातों को सोच सोच
अकेले ही मुस्कुराते हुए सिसक लेता हूँ !!!
कोई देख लेता है अगर मुझे
यूँही हँसते-सिसकते हुए कभी तो !!!
कोई पुरानी बात याद आई है कह के
मैं हँसी में ऊडा देता हूँ !!!
छिप छिप के तुम्हारी तस्वीर का
हर बार दीदार कर ही लेता हूँ !!!
डुब ऊन दिनों की यादों में मै
आज को ही कई बार भुल जाता हूँ !!!