मुझे नहीं पता था वो कौन थी,
एक साधारण सी अबला प्रतीत होती थी,
सुंदर,नाजुक, छुईमुई,
मेरे दया की मारी,
फिर एक दिन मै रशोई में गलती से चला गया,
वो दफ्तर से पूरे दिन काम कर के अाई थी,
उतना ही काम जितना मै कर के आया था,
पर फिर वो खाना बनाने लगी थी,
और मै आराम कर रहा था,
उस दिन पता चला कितनी कठोर है वो,
और मै असल में उसके दया का मारा,
मै उसे नहीं वो मुझे पाल रही थी।
#womens day
© Krishnakatyayan