#दिल की बातें
"ये रास्ते,ये सफ़र याद रहेंगे हमेशा..."
हम मुहब्बत वाले हर शय से मुहब्बत कर लेते हैं..
जिस जमीन पर चलते हैं,उस जमीन से मुहब्बत
कर लेते हैं,जिस आसमान को देखते हैं,उस आसमान
से मुहब्बत कर लेते हैं,जिन रास्तों से गुजरते हैं उन रास्तों से मुहब्बत कर लेते हैं,जिस पेड़ को छूते हैं,उस पेड़ से मुहब्बत कर लेते हैं,जिस मंदिर में जाते हैं,उस मंदिर से मुहब्बत कर लेते हैं,...पर ये जमीन,ये आसमान,ये पेड़,ये रास्ते,ये मंदिर..कब कहाँ किसी से जुड़े होते हैं..कभी भी जुदा हो जाएँ,कभी भी खो जाएँ..
जब जाने का वक्त आता है ये एक और दिन भी हमें नहीं रोक पाते.. ना खुद कोई जतन करते हैं अपने साथ बने रहने के लिए.. हाँ शायद तभी ये सब बेजान कहलाते हैं...पत्थर के बुत की तरह.. बस तमाशा देखते रहते हैं.. मिलने-बिछड़ने का..
प्रांजल,
04/03/19,7.55P