"हारा हूं खुदसे यु जैसे की ना जितने की उन्मीद है....
टूटा हूं खुदसे यु जैसे की ना जुड़ने की उन्मीद है।
कभी खुदसे तो कभी दुसरो से हारा हुं....
कभी अपनो से तो कभी जिंदगी से हारा हुं।
अब फिर से जीने का नया तरीका मिला है....
हार के फिर से जीने का नया जज्बा जो मिला है।"