मन भी कुर्बां, तन भी कुर्बां, कुर्बां है ये नाम भी
देश की खातिर तन क्या है ये, दे देंगे हम जान भी।।
दुश्मनों की फौज से हाँ घिर गया है ये वतन
आतंकियों के शोर में अब गुम हुआ चैनो अमन
अपने ही भाई का देखो कर रहे हैं ये कतल
अपने ही भाई पे देखो ढ़ा रहे हैं ये सितम।।
माँ बहन की अस्मतें लुटने लगीं सरेआम हैं
निर्दोष इंसानों का देखो होने लगा कत्लेआम है
आज उनके हाथों में हाँ दूध के बदले जाम है।।
ये खेत ये खलिहान सारे रास्ते अनमोल हैं
सांस और धड़कन हमारे माँ तुम्हारे बोल हैं
माँ चाहने वाले तुम्हारे लाल सौ करोड़ हैं।।।
मन भी कुर्बां, तन भी कुर्बां, कुर्बां है ये नाम भी
देश की खातिर तन क्या है ये, दे देंगे हम जान भी।।