आधुनिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए मेरे द्वारा रचित बाल काव्य रचना प्रस्तुत करता हूँ । पाठकों की समीक्षा का आभारी रहूँगा ।
शीर्षक # सुनो कहानी
आओ बैठो बिटिया रानी
सुनो कहानी , सुनो कहानी
सुनो कहानी , सुनो कहानी
सुनो………
आओ………
मोबाइल को अब तुम छोड़ो
दादी से फिर नाता जोड़ो
पोंछो उसकी आँखों से पानी
सुनो……….
आओ …….
नानी फिर लाई है गुड़िया
गठरी में जादू की पुड़िया
बूढ़े हो गए राजा रानी
सुनो…….…
आओ………
देखो बीन बजाता आया
द्वारे एक सपेरा आया
उसकी बीन बजी मस्तानी
सुनो………
आओ………
निमिया पर फिर झूले डारो
लम्बी लम्बी पैंगें मारो
सावन की ऋतु आई सुहानी
सुनो………
आओ………
सूनी गलियाँ रस्ता निहारें
फूल भी तुम पर कलियाँ वारें
उधम मचाओ गुड़िया रानी
सुनो………
आओ………
-पन्ना