जीनका साथ मीला भले अच्छे लोग
उसने अच्छाई सच्चाई का पाठ पढाया
जब भी कहा से सुनु ये तेरा ये मेरा
दिल बहोत दुखता
जुदा आप अलग हो
सुनकर तो बहोत ही ज्यादा दर्द होता
बार बार एक ही ख्याल आता
हम साथ साथ हो तो
ये कर सकते वो कर सकते
कीतना मजा आता है साथ साथ
पर ज्यों ही
पैसे ने, पद ने, जुठ ने, छलावा दिखावे ने
अपना जादु चलाया
तो फिर क्या था ?
कुछ समझ न आता
मुझे जो साथ रहने में प्यार दिखता
वो दुजे को न दिखता
प्रयास जारी रहा
पर धीरे-धीरे तो
जुठ, पैसे, पद, छलावेने
तो अपना इक्का जमाना शुरु किया
और सच को धीरे-धीरे दबाना शुरु किया
सच दबा ओर दबा दबता चला गया
पर ईश्वर ने हिम्मत की हवा भरी
फिर क्या था आर पार की जंग छिड़ी
और दूध का दूध और पानी का पानी हो गया ...ॐD