"बेहतरीन"
मेरी शायरी बहुत पसंद थी उसको,
कहता था कि
तुम बेहतरीन लिखते हों..
मैंने कहा हाँ,
बेहतरीन दर्द जो मिलते हैं..
तो मेरी बेहतरी के लिए,
बेहतरीन साहित्य के लिए
वो धीरे धीरे मुझसे
जुदा होता रहा,
उम्र भर मुझे
जुदाई का दर्द देता रहा..
प्रांंजल,13/11/18,8.15A