#प्यार ।
तुम मुझसे पुछोगी कि,
मै तुमसे कैसा प्यार करता हु ?
तो सुना नही पावुगा।
अगर पुछोगी कितना ?
तो दीखा नही पावुगा।
अगर पुछोगी कबतक ?
तो गीना नही पावुगा।
अगर पुछोगी क्यू ?
तो बता नही पावुगा।
क्योकि प्यार Reasonable नही होता,
प्यार तो बैवजह होता है।