बीते हुए साल से,
यूं अलविदा कहा मैंने ---
"ऐदोस्त " !
जब रूबरू हुए तुमसे ,कुछ सबक सीखा हमने ।
संकल्प के, विश्वास के, उत्साह के।
कुछ मिले ,कुछ बिछड़े ,पाए कुछ पल ।
गम और खुशी के।
अपना खाली पन भरा,
कुछ मीठी बातों से ,
कुछ सजीले सपनों से ,
कुछ पूरे, कुछ अधूरे
किसी ने रुलाया, हंसाया ,गुदगुदाया किसी ने।
थामा प्यार से दुलार से विश्वास से ।
"ए दोस्त" !
फिर मुलाकात होगी नई भोर
नई कल्पना ,नए संकल्प नई उमंग
नए लक्ष्य नए उत्साह के साथ
आज करती हूं तुम को बिदा
कर तुम्हारा "अभिनंदन"
' धन्यवाद'
अलविदा अलविदा 2018
।। तारा गुप्ता।।