1
जागो देशवासीयो , अब नई सुबह तुम को पुकारे
अंधेरे में बहुत काट ली जिंदगी, अब ये जिंदगी लाई है नये उजाले
जागो देशवासीयो, अब नई सुबह तुम को पुकारे ।
2
गए दिन वो गुजर , जब नेता अधिकारी सताते थे
भूख और गरीबी में, बच्चे जन्मे और बुढें हो जातें थे ।
लेकिन अब तो दिन गए बदल,
बढो और जितो नई नई खोज के सहारे
जागो देशवासीयो, अब नई सुबह तुम को पुकारे ।
3
देश ने राह चुनी है अपनी, सुन्दर - विकसित बनाएँगे
धरती अपनी ।
एक होंगे हम सब न होंगे ददॅभरे बंटवारे
जागो देशवासीयो नई सुबह तुम को पुकारे ।
4
इतिहास से गुलामी न सीखना, वर्तमान कि चुनौतियों को देखना ।
एक राष्ट्र का निर्माण करना, देश का भविष्य भी है तुम्हारे सहारे
जागो देशवासीयो नई सुबह तुम को पुकारे ।
5
देशवासी जिधर जाएँ, उधर फूलों की चादर फैल जाएँ
नाम रोशन हो देश का, उडे सफलता के फव्वारे
जागो देशवासीयो नई सुबह तुम को पुकारे ।
6
हाल देश का तुम से छिपा नहीं है, देश अपने बल पे खडा है किसी की कृपा नहीं है ।
झुकने न देना देश का नाम, करना गौरव भरें काम ।
तोड दो उस जंजीर को, जिसने देश को बरसों से बाँधा रे
जागो देशवासीयो नई सुबह तुम को पुकारे ।
प्रणाली अंजारिया