.“Motherhood is near to divinity. It is the highest, holiest service to be assumed by mankind.” Poem written by me
ज़िन्दगी का नया एहसास
कितना हसीं हैं
एक ज़िन्दगी को पलना
कितना हसीं है
तेरी हर धड़कन को सुनना
तेरे हाथ पैर हिलाना
वो करवटें ले कर गुदगुदाना
कितना हसीं है
तेरी हर चाहत को चाहना
तेरी हर आहट को महसूस करना
कितना हसीं है
तेरे होने में ही
मेरी हर बात अब पूरी नजर आती है
नज़रों में तेरी आने की चमक बढ़ती जाती है
इन्तजार की घडी अब काटे नहीं काटी जाती है
आ मेरी ज़िन्दगी मेरे अंश तू जल्दी आ जा अब
एक नए रूप में मुझसे मेरा ही परिचय करा जा अब !!