मेरा सपना:
जिस दिन नींद आने की दवा नहीं खाता हूँ, उस दिन अजीब से सपने आते हैं। कल नींद की दवा नहीं खायी तो देखा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात हो गयी। वे हिमालय क्षेत्र में एक पगडण्डी में मिले। हम साथ-साथ चल रहे थे। हाथ पकड़ कर चट्टानों को पार कर रहे थे। मैंने उनसे कहा ," डलास में कैनडी की जहाँ हत्या की गयी, वहाँ मैं गया हूँ। यू.एस.ए. का झंडा वहाँ लगा है।" वे बोले," चार दिन मैं भी डलास में रहा हूँ।"
फिर दूसरा सपना शुरू हो गया। अपने देश के प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने को आगे ज्योंहि बढ़ा वे भाषण देते नजर आ रहे थे। उनसे जब पूछा," आपने हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के लिये क्या किया ? भूतपूर्व प्रधानमंत्री मुरारजी देसाई ने संघ लोक सेवा आयोग में कुछ ठोस पहल की थी। सबको समान अवसर मिलने चाहिए। टिव्टर पर भी आपको लिखा था,कोई उत्तर नहीं मिला।" वे बोले पिछले साठ साल में कुछ नहीं हुआ देश में। इतने में नींद की गोली का असर समाप्त हो गया और आँखें खुल गयीं।