आसमां को झुकाने हम चले है ,
नई बुलंदियों को पाने हम चले है ।
है भरोसा मुझे खुद पर
यूं ही नही तुफानो से बाजी लगाने हम चले है ।
हो सफर कितना भी मुश्किल , क्या फरक है ,
मेरे इरादे भी उसी पंछी की तरह कड़क है
जिसके ऊपर आसमां , नीचे जमीं है ,
लेकिन उसके विश्वास में कहा कमी है ।
उसी पंछी की तरह पर फैलाने हम चले है ,
जिंदगी के नए गीत गाने हम चले है ।
आसमां को झुकाने हम चले है ,
नई बुलंदियों को पाने हम चले है ।
?"Good Morning"?