#चिल्लपों
कैसी चिल्लपों मची ये कैसा शोर है ।
सुन रहा हूँ चौकीदार भी तो चोर है ।।
कैसे फ़ैसला ये हो किसकी जमीन है ।
सारे तो कह रहे हैं ये जमीन मोर है ।।
लाठी थी जिसके हाथ में उसी की भैंस थी ।
लाठी का है दावा की अब ये भैंस मोर है ।।
अब लोमड़ी की दाल भी गलती नही कहीं ।
क्योंकि हुनर का बोलबाला चारो ओर है ।।
पन्ना कहें कि मुल्क में मिल बांटकर रहो ।
अब तोर मोर न करो ये दौर और है ।।