दिल के कोने में,
एक जगह आज भी है,
खाली,
अभी अभी कलई किया है उसपे,
पुराने कलिखो को मिटाया है मैंने,
हिम्मत तो नहीं है अब फिर से कि,
दू उसे किराए पे,
पर ना जाने कब फिर से कोई दस्तक पड़ जाए,
और कहना पड़े,
चले आओ अंदर,
आपके लिए ही तो कमरा खाली है।
-Krishna Katyayan