तराश बाकी रहने दो
परे हटा दो अब
हथौड़ी छेनी,
तराशना बंद कर दो मुझे -
मेरी खाल छिलने लगी है।
अब और प्रहार
मुझे बदसूरत बनाएंगे
हो सकता है झुर्रियां बन आएं
या चेहरा बेडौल हो जाए
या फिर आँख ही फूट जाए
जितना अच्छा
मैं हो सकता था,
हो चुका हूँ।
शीर्ष पर हूँ मैं अपनी
सुंदरता और सुघड़ता के।
कलाकारों बस करो -
अब और कितना घिसोगे ?
आखिर मैं पत्थर हूँ
कोइ सोने का भगवान नहीं।