मेरी नजर मे राष्ट्रवाद एक पवित्र शब्द हैं। जिसका तात्पर्य देशप्रेम या देशभक्ति होता हैं राष्ट्रवाद की भावना सभी को देशप्रेम के एक सूत्र में बाँधने का काम अदृश्य डोरी से करती है जो हमे दिखाई नही देती। मेरी नजर में हर हिन्दुस्तानी राष्ट्रवादी होता है, लेकिन उसके मायने भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। कोई सेना में जाकर अपनी राष्ट्रवादी भावना दर्शाता है तो कोई देश का सच्चा और ईमानदार नागरिक बन कर।
मैं उस दिन स्वयं को एक राष्ट्रवादी कहलाने मे गर्व का अनुभव करूँगा, जिस दिन मेरा हिन्दुस्तान भ्रष्टाचार मुक्त होगा,सबको शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजग़ार मिलेगा,अपराध नगण्य होगा,जब देश मे जाति,धर्म,क्षेत्र,भाषा,समाज आदि के नाम पर वैरमनस्य नही रहेगा,आरक्षण जैसा नासूर नहीं होगा जो देश को जातियों मे बांट रहा हैं। देश की बहन बेटी सुरक्षित हो जायेगी ताकि फिर कोई निर्भया या दामिनी ना हो, वः 16 दिसम्बर की काली अमावस्या वाली रात ना लौटे जब दिल्ली की सर्द रात में एक बस में 6 वहसी दरिंदों ने अपनी दरिंदगी की सारी हदें पार की थी। अगर दीया मंदिर की चोखट पर जलाये तो उसकी रोशनी दूर मस्जिद तक जाये और अगर मुस्लिम भाई के यहा ईद की सेवंई बनती है,तो हिन्दू भी खाए, होली के रंग में सब ऐसे रेंज की धर्म की पहचान ही छुप जाय, उस दिन खुद को सही अर्थो मे राष्ट्रवादी कहलाने मे गर्व महसूस करूँगा।
मैं फर्जी राष्ट्रवाद के खिलाफ हूँ यह नही होना चाइये की किसी समुदाय विशेष के लोगो को वन्देमातरम्,भारत माता की जय न कहने के कारण देशद्रोही का तमगा दिया जाए,गौरक्षा के नाम पर,मंदिर-मस्जिद-चर्च-गुरुद्वारे के नाम पर देश मे बढ़ रहा टकराव नही न हो,वन्देमातरम्,भारत माता की जय जैसे आजादी के जोशीले नारे लगाने से किसी को देशभक्ति या देशद्रोह का प्रमाण् पत्र नही मिलना चाइये वो उनकी व्यक्तिगत आजादी हो सकती हैं।
हम कानून का पालन करे,न्यायपालिका का सम्मान करे,देश के लोकतंत्र मे विश्वास रखे,देश की सार्वजनिक सम्पति को स्वच्छ रखे -उसे सुरक्षित रखे,समय-समय पर कर चुका कर देश के आर्थिक विकास मे योगदान देवे, जागरूक बने , देश से अशिक्षा रूपी अँधेरे को मिटाकर उजियाला फैलाये देश के जल,जमीन,जंगल,जीव-जन्तुओ का कम से कम उपयोग करें तो यही सच्चे अर्थो मे राष्ट्रवाद होगा। 1/125 करोड़ लोग जिस दिन यह धारणा अपना लेंगे उस दिन हर किसी के हिस्से का हिन्दुस्तान बन जायेगा। भारत फिर से विश्व गुरु बनने की राह पर चल पड़ेगा। भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा।
वन्देमातरम जय हिंद
स्वरूपसिंह राजपुरोहित
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