तेरी कहानी भी ऐसी ही है,
जैसी मेरी है,
तुझे भी नहीं पता तू कौन है,
मै भी अपने आप से अनजान हू,
वैसे तो हम साथ ही है,
और बने भी साथ रहने के लिए है,
पर तू अपने आप को अलग समझता है,
और मै भी अपने आप को अलग,
तू सोचता है मै वाहन हूं,
मै सोचता हूं तू है,
पर हम दोनों की कहानी एक सी है,
तू भी नादान है,
मै भी अनजान है,
अपने आप से और सत्य से।
#देह आत्मा
© Krishna Katyayan 2018