______अहंकार____
मोमबत्ती और अगरबत्ती दो बहने थी, दोनों एक मंदिर में रहती थी। बड़ी बहन मोमबत्ती हर बात में अपने को गुणवान और अपने फैलते प्रकाश के प्रभाव में सदा अपने को ज्ञानवान समझकर छोटी बहन को नीचा दिखाने का प्रयास करती थी। अगरबत्ती सदा मुस्कुराती रहती थी, उस दिन भी हमेशा की तरह पुजारी आया दोनों को जलाया और किसी कारणवश मंदिर से बाहर चला गया, तभी हवा का एक तेज झोखा आया और मोमबत्ती बुझ गई । यह देख अगरबत्ती ने नम्रता से अपना मुंह खोला- बहन हवा के एक हलके झोंके से तुम्हारे प्रकाश को समेट दिया ।परंतु इस हवा के झोंके ने मेरी सुगंध को चारों ओर बिखेर दिया। यह सुनकर मोमबत्ती को अपने अहंकार पर शर्मिंदगी हुई। *अहंकार इंसान को बर्बाद कर देता है, इसलिए विनम्रता इंसान की* *तरक्की
का रास्ता है।*